किताब लिखने की शुरुआत कैसे करें?
एक अच्छी किताब लिखने की शुरुआत करने से पहले आपको किताब लिखने के कुछ विशेष पहलुओं पर ध्यान देना पड़ता है। एक किताब लिखने के लिए उसके कई सारे नियम होते हैं,, कई तरह की योजनाएं बनानी पड़ती है,, लेखक का विशेष अनुभव होना चाहिए इसके बाद ही वह एक अच्छी किताब लिख सकता है। लेकिन कोई नया लेखक आखिर यह बात कैसे पता करें कि उसे एक अच्छी किताब लिखने के लिए किन-किन मुद्दों पर, किन-किन पहलुओं पर ध्यान देना होता है? हम अपनी इस पोस्ट में आपको आज एक अच्छी और बेहतरीन किताब लिखने के लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है? के बारे में सब विस्तार से जानकारी देने वाले हैं इसीलिए आप हमारे इस पोस्ट में हमारे साथ अंत तक बनें रहिए।
एक अच्छा विषय चुने-
एक अच्छी किताब लिखने के लिए सबसे पहले आपको एक अच्छा विषय चुनने की आवश्यकता होती है। आप जिस भी विषय पर किताब लिखनी है आपको उस विषय की सविस्तार जानकारी होनी चाहिए। ताकि आप किताब लिखते समय बीच में किसी भी प्रकार की असमंजस में ना पड़ जाए कि आखिर वह विषय कौन सा है? और उसके बारे में किस तरह से लिखा जाए? इसीलिए आपको अपने विषय के बारे में बारीकियों से जानने की आवश्यकता होती है। आवश्यकता होती है आपको यह बात जानने की कि आप जिस भी विषय पर लिखने वाले हैं उसकी बारीकीयों को भी जानना आपके लिए बहुत ही आवश्यक होता है और उस विषय से क्या अच्छी बात निकल कर आएगी और क्या गलत बात सामने आएगी उनके बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए।
उस विषय में अपनी जानकारी बढ़ाएं –
जिस भी विषय पर आप अपनी किताब लिखने के बारे में सोच रहे हैं यदि आपको उस विषय के बारे में जानकारी नहीं है तो आप अपनी उस विषय के बारे में सबसे पहले जानकारी बढाइये। यदि आपको जानकारी नहीं है तो आप तरह-तरह के सोर्सेस से उस विषय की पूरी जानकारी रखिए ताकि किसी भी प्रकार की आगे चलकर भ्रम में पढ़ने की आवश्यकता ना हो। और वह जानकारी पूरी पुष्टि होने के बाद ही आप लिखें,,, अन्यथा कोई एक गलत जानकारी भी आपकी किताब को पूरी तरह से बिगाड़ सकती है।
कई किताबें पढ़ें –
एक अच्छी किताब लिखने के लिए सबसे पहले आपको आवश्यकता होती है कई तरह की किताबें पढ़ने की। किताब लिखने का सही तरीका जानने के लिए आपको कई बड़े-बड़े लेखको व प्रसिद्ध किताबों को पढ़ना आवश्यक होता है। जहां से आप किताब लिखने के तरीके की जानकारी प्राप्त करते हैं और किताब को किस तरह से लिखा जाता है की तकनीक के बारे में भी जानते हैं।
भाषा पर पकड़ बनाए रखें-
आप जिस भी विषय पर अपनी किताब लिखने जा रहे हैं आपको उस विषय में अपनी भाषा की पकड़ मजबूत रखनी होती है ताकि किताब लिखते वक्त आपकों बीच में कहीं भी रुकने की आवश्यकता ना हो और आपका किताब लिखने का क्रम टूटे नहीं। इसीलिए आप उसी भाषा में अपनी किताब लिखिए जिस भाषा पर आपकी अच्छी पकड़ है और यदि आप अन्य किसी भाषा पर लिखना चाहते हैं तो पहले उस भाषा की पूरी अच्छे से जानकारी रख लीजिए।
किसी भी बात कों किताब के विधा के अनुसार लिखें –
किताबें लिखने की कई सारी विधा होती हैं यानी की आप जो किताब लिखने जा रहे हैं वह कहानी की विधा होगी या कविता की विधा होगी या उपन्यास लिखने वाले हैं,? इस बात की जानकारी आप रखकर अपनी किताब को शुरू कीजिए यदि आप कविता लिखने वाले हैं तो आप बड़ी से बड़ी बात को एक लाइन में कैसे कह सकते हैं कि कला अपने अंदर बनाने की कोशिश कीजिए। और यदि आप कहानी,उपन्यास लिखने वाले हैं तो एक छोटी सी छोटी बात को भी कितने बड़े तरीके से लिखना है की जानकारी आपको होनी चाहिए। जैसे में उदाहरण के लिए – यदि झरने से पानी नीचे गिर रहा है तो उसके आसपास की गीली जमीन का भी वर्णन आपको कहानी में करना होगा जिससे कि आप वहां के वातावरण के परिदृश्य को अच्छे से दर्शा सकते हैं अपनी कहानी में।
किताब को रुचिकर बनाएं –
अपनी किताब को रुचिकर बनाने की कोशिश कीजिए जिससे कि आपका पाठक आपकी किताब पढ़ना पसंद करें। इसके लिए आपको किसी ऐसे विषय की तलाश करने की आवश्यकता होती है जिसे की समाज के लोग पसंद करें और आपकी किताब उस विषय पर अधिक से अधिक लोग खरीदना भी पसंद करें।
विशेष मुद्दों को लिखें –
किताब लिखने के लिए आपके पास कोई विशेष मुद्दा होना चाहिए। मुद्दा ऐसा जो कि समाज की स्थिति, श्रृंगार रस, या कोई सस्पेंस वाली बात हो जिसे कोई भी पढ़कर आपकी किताब की ओर और भी अधिक आकर्षित हो और उसे आगे पढ़ने का मन करे।
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क्रमशः कहानी चलती रहनी चाहिए-
कहानी हो या उपन्यास या लिखने का सबसे बेहतरीन तरीका होता है कि आपको अपनी कहानी क्रमशः आगे बढ़ते रहनी चाहिए बीच में किसी भी प्रकार से उसे तोड़ना मरोड़ना नहीं चाहिए क्योंकि इस चीज से पाठक परेशान होकर आपकी किताब पढ़ना आप पसंद नहीं करेगा। यदि आपको अपने पाठकों के बीच में अपने व्यक्तित्व को निखारना है तो एक बेहतरीन किताब लिखने की कोशिश कीजिए। और एक लेखक के लिए सामान्यतः कहा जाता है कि “ उसकी पहली किताब ही लोगों के दिल को छू गई तो लोग उसके किताबों का इंतजार करेंगे। “ इसीलिए लेखक को ध्यान देना चाहिए कि उसकी पहली किताब में भी किसी भी प्रकार की कमी ना हो लेकिन अगर कोई चूंक हो भी जाती है तो उसे अगले के लिए प्रयास करना चाहिए।
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पूरी किताब लिखे जाने के बाद भूमिका लिखें –
किताब लिखने का सबसे बड़ा नियम यह होता है कि जब आप अपनी पूरी किताब लिख लें तभी आपको अपनें किताब की भूमिका लिखनी चाहिए। क्योंकि भूमिका लिखने का भी एक नियम होता है जिसके अनुसार लेखक को क्रमशः धीरे-धीरे बढ़ता होता है इसीलिए किताब को पूरा लिखने के बाद ही भूमिका लिखना चाहिए।
दोस्तों मुझे आशा है कि आपको एक बेहतरीन किताब लिखने का तरीका हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से पता चलेगा। ऐसी ही और जानकारियां जानने के लिए आप हमारे दूसरे आर्टिकल्स को पढ़ सकते हैं और भूमिका लिखने का सही तरीका क्या है आप यह भी हमारे आर्टिकल के माध्यम से जान सकते हैं।
कम शब्दों में सही सलाह आपके द्वारा दिया गया. धन्यवाद