कुमार विश्वास जीवनी
“कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस अंबर समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूं तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है।“
जैसी कविताएं लिखकर जन-जन की आवाज बन जाने वाले कुमार विश्वास को आज के समय में भला कौन नहीं जानता है?
10 फरवरी सन 1970 को बसंत पंचमी के दिन उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पिलखुवा नामक एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। कुमार विश्वास का असल नाम विश्वास कुमार शर्मा है । इनके पिताजी का नाम डॉक्टर चंद्रपाल शर्मा जो कि मेरठ से कुछ दूर पिलखुवा में प्रोफेसर थे और उनकी माता का नाम रमा शर्मा था जो की एक गृहनी थीं। यह चार भाई और एक बहन में सबसे छोटे थे।

एक समय में कुमार विश्वास के पिताजी कुमार विश्वास के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हुआ करते थे। क्योंकि उन्हें लगता था कि उनके पांचो बेटों बेटियों में एक कुमार विश्वास ही ऐसे होंगे जो जिंदगी में कुछ भी नहीं कर पाएंगे। क्योंकि कुमार विश्वास ने अपनी इंजीनियरिंग छोड़कर B. A करने का फैसला किया था। और उनके पिताजी की यही चिंता उन्हें परेशान कर रही थी लेकिन आज के समय में कुमार विश्वास एक जाने माने कवि हैं। कुमार विश्वास वह शख्सियत है जिन्होंने हिंदी कविता को मंच द्वारा पूरे विश्व में फैला दिया। एक समय में इंग्लिश की एक अलग पहचान हुआ करती थी लेकिन हिंदी के बारे में कोई कभी नहीं सोचता था। और हिंदी कविता के माध्यम से कोई भला किस प्रकार से कमा सकता है जैसी सोच कई लोगों की थी लेकिन कुमार विश्वास ने लोगों की इस सोच को एकदम से बदल दिया। जिन्हें ऐसा लगता था कि हिंदी कविताओं को लिखने में किसी का कोई फ्यूचर नहीं है आज वह कुमार विश्वास को अपना आदर्श बनाकर यह काम शुरू करते हैं।
कुमार विश्वास एक अच्छे कवि के साथ ही साथ प्रोफेसर भी है, पॉलीटिशियन भी है, गीतकार हैं,लेखक हैं, अच्छे वक्ता हैं और इन सभी के साथ ही साथ वह एक अच्छे इंसान भी हैं।
कुमार विश्वास की लव स्टोरी (love story of Kumar Vishwas)
कुमार विश्वास की लव स्टोरी बेहद ही इंटरेस्टिंग है। शुरुआती दिनों में जब ये कविता पाठ करते थे उस समय एक लड़की जो कि अपने कॉलेज की तरफ से भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर आई थी वह भाषण दे रही थी और इस समय कुमार विश्वास को उस लड़की को देखते ही प्यार हो गया। जोकि उस लड़की को भी हुआ था लेकिन पहली नजर में किसी ने भी एक दूसरे से कुछ भी नहीं कहा था। दूसरे दिन जब एक लड़की से कुमार विश्वास ने उस लड़की के बारे में पूछा कि वह लड़की है कहां की? क्या करती है?तो वह हंसने लगी तो कुमार ने पूछा हंस क्यों रही है तब उस लड़की ने बताया कि वह भी मुझसे दो-तीन दिनों से तेरे बारे में ही पूछ रही है। बस फिर क्या था कुमार विश्वास कोई इशारा मिला तो चल दिए वह उस लड़की से उसके घर पर मिलने के लिए। रास्ते में कुमार विश्वास के बड़े भाई के मित्र और पीछे एक आदमी कहीं जा रहे थे और उसी मोहल्ले में उस लड़की का घर था इसके बाद कुमार विश्वास के भाई के मित्र ने कुमार विश्वास से प्रश्न कर दिया प्यारे भाई कुमार कहां जा रहे हो? कुमार विश्वास ने बताया कि पांडे जी की लड़की से मिलने जा रहे हैं….. इस बात पर कुमार विश्वास के भाई के मित्र के पीछे जो बैठे व्यक्ति थे उनकी भाव भंगिमाएं बदल गई और यह प्रश्न आया कि आखिर उसे लड़की से तुम्हारा कौन सा काम है? इस बात पर कुमार विश्वास समझ गए कि यह पीछे बैठा कोई लगता है कि उसके घर का है तब कुमार विश्वास ने बताया कि “अरे वह कॉलेज के तरफ से कविता करनी है तो मैं पक्ष में लोगों को तैयार कर रहा हूं, तो वह लड़की ने भाषण बहुत अच्छा दिया था तो वह विपक्ष के लोगों को तैयार करले तो हमारा कॉलेज जीत जाएगा।” इसके बाद उनके भाई के मित्र ने बताया कि यह जो हमारे पीछे बैठे हैं यह उसी लड़की के भाई है चलो हम आपको उनके घर लिए चलते हैं। फिर क्या था कुमार विश्वास भी अकड़ कर चल दिये उस लड़की के घर पर गए। पंडित जी से मिले पंडित जी को जानकर बेहद खुशी हुई कि प्रोफेसर साहब के लड़के उनके घर पर आए हैं। आने का कारण जाना उन्होंने तो अंदर जाने को बोला।कुमार अंदर गए औऱ अपनी बेटी को आवाज दी आओ किसी काम से आए हैं आकर मिल लो… इसके बाद वह दोनों लड़के जो कि उनके भाई के दोस्त थे और उसे लड़की के भाई उन्हें मिलता कर चल दिए और लड़की कुमार विश्वास को देखकर एकदम से चौंक गई और अपने भाई के जाते ही उन्होंने कुमार विश्वास से प्रश्न कर लिया कि “पागल हो यही आ गए” कुमार विश्वास नें हंसते हुए जवाब दिया “तो क्या करता ? पीछे पीछे भागता कॉलेज में”
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इस तरह से इनकी शुरुआत हुई बात करने की और यह सारी प्रक्रियाएं साल 2 साल चली इसके बाद एक बार कुमार विश्वास ने कहा कि यदि तुम्हें पत्र लिखना हो तो कैसे लिखूं? तब लड़की ने कहा पत्र क्यों लिखोगे? कवी हो कविताएं लिखना मेरे लिए….. इसके बाद कुमार विश्वास ने प्रेम की कविताएं लिखना शुरू कीया और इस लड़की पर लिखा गया यह गीत है –
“कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस अंबर समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूं तू मुझसे दूर कैसी है
यह तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है
मोहब्बत एक एहसासों की पावन सी कहानी है
कभी–कभी रात दीवाना था कभी मेरा दीवानी है
यहां सब लोग कहते हैं मेरी आंखों में आंसू है
जो तू समझे तो मोती है जो ना समझे तो पानी है
समंदर पीर का अंदर है लेकिन रो नहीं सकता
यह आंसू प्यार का मोती है इसको को नहीं सकता
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले
जो मेरा हो नहीं पाया वह तेरा हो नहीं सकता।“
कुमार विश्वास की कविताएं (poems of Kumar Vishwas)
कुमार विश्वास की अनेकों कविताएं हैं जिन्होंने लोगों का दिल जीत लिया है इनमें से कुछ के बारे में हम आपको बता रहे हैं कि-
“जवानी में कई गजलें अधूरी छूट जाती है
कई ख्वाहिश तो दिल ही दिल में पूरी छूट जाती है।
जुदाई में तो मैं तुमसे मुकम्मल बात करता हूं,
मुलाकातों में सब बातें अधूरी छूट जाती है।“
जैसी प्रेम की कविताएं लिखकर युवाओं के दिलों पर राज करने वाले कुमार विश्वास भक्ति पर भी कविताएं लिखी है जिनमें से एक राधा जी पर भी है-
“हो काल गति से परे चिरंतन
अभी यहां थे अभी यहीं हो
कभी धरा पर कभी गगन में
कभी कहां थे कभी–कभी हो
तुम्हारी राधा को भान है तुम
सकल चराचर में हो समाये
बस एक मेरा है भाग्य मोहन
की जिसमें होकर भी तुम नहीं हो|“
जन्माष्टमी पर यह कविता लिखकर कुमार विश्वास ने अनेक को कृष्ण प्रेमियों का दिल जीत लिया।
कुमार विश्वास की शिक्षा (education of Kumar Vishwas)
कुमार विश्वास ने अपनी शुरुआती शिक्षा लाल गंगा सहायक विद्यालय पिलखुवा से ही की है जिसके बाद उन्होंने राजपूताना रेजीमेंट इंटर कॉलेज से इंटर पास किया इसके बाद उनके पिताजी ने इनका एडमिशन इंजीनियरिंग के लिए करवा दिया लेकिन इनका मन इंजीनियरिंग में नहीं लगा और पढ़ाई को अधूरा ही छोड़कर इन्होंने घर वापस आने का मन बना लिया।
‘’प्रेम के कविताएं लिखने वाला कवि भला मशीनों में कब तक अपना दिल लगाता।,,
इसके बाद इन्होंने अपने पैसे से साहित्य से स्नातक करने के लिए एडमिशन लिया। क्योंकि इनके पिताजी इनसे बेहद ही नाराज थे कि इन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर के B. A करना क्यों शुरू किया है? लेकिन मात्र 3 महीने की तैयारी में ही इन्होंने एग्जाम देकर 77% अंक प्राप्त किये थे। जो कि उस समय कोई भी लड़का नहीं कर पाया था। इसके बाद उनके पिताजी से खुश हुए थे पर आगे चलकर इन्होंने साहित्य में ही M. A किया जहां उन्हें स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। क्योंकि उन्होंने जिला टॉप किया था। इसके बाद इन्होंने “कौरवी लोकगीतों में लोक चेतना,, सब्जेक्ट पर PHD किया।
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कुमार विश्वास का कवि जीवन (poet life of Kumar Vishwas)
सन 1994 में कुमार विश्वास ने अपने जीवन की शुरुआत एक प्रवक्ता के तौर पर शुरू की। इसके बाद इन्होंने मंचों पर हिंदी कविता से खूब ख्याति कमाई। कई पत्रिकाओं में यह हमेशा लेखन कार्य भी करते थे जिससे कुछ कमाई वें यहाँ से भी कर लेते थे। इसके बाद इन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में गीत लिखने का काम ही शुरू किया। फिल्मी जगत में इन्होंने अभिनय भी किया है कुछ फिल्मों में। लेकिन युवाओं के बीच में यह एक प्रसिद्ध हिंदी कवि के नाम से ही जाने जाते हैं।
कुमार विश्वास का राजनीतिक जीवन (Political life of Kumar Vishwas)
जन लोकपाल आंदोलन के लिए बनाई गई टीम अन्ना हजारे जी द्वारा में कुमार विश्वास भी एक कार्यकारी सदस्य के रूप में उनके साथ सन 2011 से लगे थे। इसके बाद इन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली जो की 26 नवंबर 2012 में बनाई गई थी। यहां वे अमेठी से लोकसभा का चुनाव हार गए थे। और राजनीति में कुछ अनबन की वजह से इन्होंने राजनीति छोड़ दी और इसके बाद इन्होंने कुछ कविताएं लिखी कि
“सियासत में मेरा खाया या पाया हो नहीं सकता
सृजन का बीज हूं मिट्टी में जाया हो नहीं सकता,,
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कुमार विश्वास की पत्नी और बच्चे (Kumar Vishwas wife and children)
कुमार विश्वास की पत्नी का नाम मंजू शर्मा है। जिनके साथ कुमार विश्वास की लव मैरिज है। जोकि राजस्थान में प्रोफेसर रह चुकी है। इनकी दो बेटियां हैं जिनमें से एक का नाम है कुहू शर्मा और दूसरी का नाम है अग्रता शर्मा।
तो दोस्तों हमें आशा है कि आपको कुमार विश्वास से संबंधित हमारे इस लेख में सभी जानकारियां मिली है ऐसी ही और जानकारी को पढ़ने के लिए आप हमारे दूसरे आर्टिकल्स को पढ़ सकते हैं धन्यवाद।